दुबई.बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सीएए और एनआरसी को भारत का अंदरूनी मुद्दा बताया है। हसीना ने रविवार को दुबई में कहा कि इससे भारत-बांग्लादेश के रिश्ते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन ने इन पर चिंता जताई थी। उन्होंने अपना भारत दौरा भी रद्द कर दिया था।
हसीना ने सीएए, एनआरसी लाने के भारत सरकार के फैसले पर सवाल भी किए। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानती कि भारत सरकार ने यह क्यों किया। यह गैर जरूरी था।’’
उन्होंने नागरिकता कानून के कारणरिवर्स माइग्रेशन से भी इंकार किया। हसीना ने कहा कि इस कानून के कारण भारत से लोग पलायन कर बांग्लादेश नहीं पहुंच रहे हैं। लेकिन, इससे भारतीय नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा कहा है कि सीएए और एनआरसी भारत का अंदरुनी मुद्दा है। भारत ने भी बार-बार इसे दोहराया है।
भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध: शेख हसीना
हसीना ने कहा कि मौजूदा समय में भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध हैं। दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी से भारत-बांग्लादेश के रिश्ते प्रभावित नहीं होंगे।अक्टूबर 2019 में भारत के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुझे व्यक्तिगत तौर पर इसे लेकर आशवस्त किया था।
‘स्थिति बिगड़ने पर भारतके पड़ोसी देश प्रभावित होंगे’
बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमेन ने पिछले महीने कहा था कि सीएए और एनआरसी से अगर भारत में स्थिति बिगड़ती है तो इसकाअसर पड़ोसी देशों पर भी नजर आएगा। उन्होंने भारत सरकार से अवैध ढंग से रह रहे अपने नागरिकों की सूची भी मांगी थी, जिससे उन्हें वापस बांग्लादेश आने की इजाजत दी जा सके। हालांकि कहा था कि अगर कोई गैर बांग्लादेशी सीएए और एनआरसी की आड़ में आने की कोशिश करेगा तो उसे खदेड़ देंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
No comments:
Post a Comment