लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार शाम जो धमाका हुआ, उसकी वजह लापरवाही थी। जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि अमोनियम नाइट्रेट से भरे कार्गो पिछले कई सालों से समुद्र किनारे रखे हुए थे, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। कई बार अधिकारियों को चेतावनी देने के बाद भी इन्हें नहीं हटाया गया।
मोजाम्बिक के लिए निकला था जहाज
अमेरिकी मीडिया हाउस सीएनएन की खबर के मुताबिक 2013 में एक रूसी जहाज जॉर्जिया के बटूमी से 2750 मीट्रिक टन अमोनियम नाइट्रेट लेकर मोजाम्बिक के लिए निकला था। जहाज का नाम एमवी रोसस था। इसका मालिक एक रूसी बिजनेसमैन था। यह जहाज ग्रीस में फ्यूल भरवाने के लिए रुका। यहां जहाज के मालिक ने बताया कि पैसे खत्म हो गए हैं और उन्हें लागत कवर करने के लिए एक्स्ट्रा कार्गो लोड करने होंगे। इस वजह से उन्हें बेरूत का चक्कर लगाना पड़ा और जहाज बेरूत पहुंच गया।
अधिकारियों ने चेताया था- जहाज एक तैरता बम
बेरूत पहुंचने के बाद जहाज को सरकार ने कब्जे में ले लिया। जहाज मालिक पर नियमों की अनदेखी करने और पोर्ट का बकाया नहीं चुकाने के आरोप लगे। लेबनान के कस्टम डिपार्टमेंट के डायरेक्टर बदरी दहेर ने बताया कि कई बार चेतावनी दी गई कि यह जहाज एक तैरता बम है। 2014 में इस जहाज से अमोनियम नाइट्रेट के कंटेनरों को उतारकर पोर्ट के स्टोर रूम में रख दिया गया। तब से कंटेनर वहीं पड़े थे। अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल ज्यादातर फर्टिलाइजर के तौर पर और माइनिंग के लिए ब्लास्ट करने के लिए होता है।
बेरूत के गवर्नर कहा- 10 से 15 अरब डॉलर का नुकसान हुआ
विस्फोट में मरने वालों की संख्या 135 पहुंच गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 5000 लोग घायल हैं और कई लापता हैं। बेरूत के गर्वनर मारवन अबोद ने कहा कि पोर्ट में हुए विस्फोट में करीब 10 से 15 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इससे पहले अधिकारियों ने 3 से 5 अरब डॉलर के नुकसान का आकलन किया था।
अमेरिका ने 700 करोड़ रुपए की सिरिंज और निडिल खरीदने का आर्डर दिया है। कोरोना वैक्सीन तैयार होने के बाद इनका इस्तेमाल लोगों को टीका लगाने के लिए किया जाएगा। अमेरिकी रक्षा विभाग ने बुधवार को बताया कि यह देश में महामारी रोकने की रणनीति के लिए अहम है। अगले एक साल में 500 करोड़ सिरिंज खरीदे जाएंगे। 2020 के अंत तक 134 करोड़ सिरिंज देश के अस्पतालों तक पहुंचा दिए जाएंगे।
अमेरिका में वैक्सीन तैयार करने का काम तेजी से हो रहा है। देश के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट से मंजूरी मिलने के बाद देश भर में वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी। सिरिंज और नीडल खरीदने के लिए सरकार ने ड्यूओप्रोस मेडिटेक कॉर्पोरेशन, कार्डिनल हेल्थ, गोल्ड कोस्ट मेडिकल सप्लाई, एलपी, एचटीएल स्ट्रेफा, क्वालिटी इंपैक्ट और मेडलाइन इंडस्ट्रीज को आर्डर दिया गया है।
अमेरिका ने शुरू किया है ऑपरेशन वार्प स्पीड
अमेरिका ने वैक्सीन तैयार करने के लिए ऑपरेशन वार्प स्पीड शुरू किया है। इसके तहत इस साल दिसंबर तक वैक्सीन तैयार करने की योजना है। अमेरिकी सरकार ने देश के लिए 50 करोड़ वैक्सीन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने दो दवा कंपनियों ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन और सनोफी पैस्टर की ओर से तैयार किए जा रहे टीके पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान भी किया है। मार्डना कंपनी ने वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल पूरा किया
अमेरिकी कंपनी मॉर्डना वैक्सीन पर इंसानों का ट्रायल पूरा कर चुकी है। कंपनी ने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड पाने से लेकर उसका इंसानों में ट्रायल तक का सफर मात्र 42 दिनों में पूरा किया था। पहली बार इसने जानवरों से पहले इंसानों पर ट्रायल शुरू किया था।16 मार्च को सिएटल की काइज़र परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले यह वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया था। पहले ट्रायल में 18 से 55 वर्ष की उम्र के 45 स्वस्थ प्रतिभागी शामिल किए गए थे।
The counting of votes in Sri Lanka's twice-postponed parliamentary election began on Thursday with the powerful Rajapaksa family-run Sri Lanka People's Party (SLPP) saying it is confident of recording a “historic victory” by securing a two-thirds majority.
In an interview with TOI, Suresh Raina, who was named the brand ambassador of WTF Sports along with Harmanpreet Kaur, spoke about the need to keep a clear mind ahead of the IPL.UAE weather would be a challenge. We will have to see how the wicket holds in the hot conditions. But the best thing is you won't have logistical problems. It is 45 minutes from Dubai to Abu Dhabi and 40 minutes from Dubai to Sharjah.
जैसे-जैसे अमेरिकी चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ट्रम्प और बिडेन की लोकप्रियता पर तमाम तरह के सर्वे हो रहे हैं। अब एक सर्वे में सामने आया है कि बिडेन की लोकप्रियता ट्रम्प की तुलना में केवल 3% ज्यादा है। जुलाई में हुए सर्वे में यह अंतर 7% से ज्यादा था। नए सर्वे के मुताबिक, ट्रम्प की लोकप्रियता पहले से बढ़ी है।
43% लोगों की पसंद बिडेन, 40% की ट्रम्प
यह सर्वे द हिल एंड हैरिस ने किया है। सर्वे के मुताबिक जहां बिडेन 43% लोगों की पसंद हैं, वहीं 40% लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। इससे पहले जुलाई में हुए सर्वे में बिडेन ट्रम्प से 7 पॉइंट आगे थे। बुधवार को Realclearpolitics.com (आरसीपी) पर पोस्ट किए गए 3 नेशनल सर्वे के मुताबिक, बिडेन को ट्रम्प पर औसतन 5% की बढ़त हासिल है।
ट्रम्प, बिडेन के साथ प्रेसिडेंशियल 4 डिबेट चाहते हैं
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन के साथ 4 प्रेसिडेंशियल डिबेट करना चाहते हैं। अभी तक प्रेसिडेंशियल डिबेट के कमीशन ने केवल 3 डिबेट ही तय की हैं, जो 29 सितंबर, 15 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को होनी हैं। ट्रम्प के कैंपेन के रिप्रेजेंटेटिव रुडोल्फ डब्ल्यू गुइलियानिम ने प्रेसिडेंशियल डिबेट के कमीशन को इस बारे में एक लेटर भी लिखा है। उन्होंने कहा कि सितंबर की शुरुआत में एक डिबेट होनी चाहिए।
दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 1 करोड़ 89 लाख 70 हजार 837 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 21 लाख 60 हजार 675 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। 7 लाख 11 हजार 108 की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति एलवैरो यूरीब संक्रमित मिले हैं। उन्हें मंगलवार को पहले ही सबूतों से छेड़छाछ़ करने के एक मामले में हाउस अरेस्ट किया गया था।
उनकी डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी के प्रवक्ता गैब्रियल वेलास्को ने बुधवार को कहा- यूरीब की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि, उनका स्वास्थ्य ठीक है। उनमें कोई ज्यादा लक्षण नजर नहीं आ रहे। न ही उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
स्पेन में बुधवार को 1772 नए मामले सामने आए। यह देश में लॉकडाउन हटाए जाने के बाद सबसे ज्यादा मामले हैं। यहां जून में लॉकडाउन हटाया गया था। इसके बाद से संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। फिलहाल देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 28 हजार 499 हो गई है।
10 देश, जहां कोरोना का असर सबसे ज्यादा
देश
कितने संक्रमित
कितनी मौतें
कितने ठीक हुए
अमेरिका
49,73,568
1,61,601
25,40,137
ब्राजील
28,62,761
97,418
20,20,637
भारत
19,63,239
40,739
13,27,200
रूस
8,66,627
14,490
6,69,026
साउथ अफ्रीका
5,29,877
9,298
3,77,266
मैक्सिको
4,56,100
49,698
3,04,708
पेरू
4,47,624
20,228
3,06,430
चिली
3,64,723
9,792
3,38,291
स्पेन
3,52,847
28,499
उपलब्ध नहीं
कोलंबिया
3,34,979
11,315
1,80,258
जर्मनी: एंटवर्प राज्य क्वारैंटाइन लिस्ट में शामिल
जर्मनी ने एंटवर्प राज्य को क्वारैंटाइन लिस्ट में शामिल किया है। इस राज्य में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। अब यहां आने वालों को अपनी निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन में भेज दिया जाएगा। यहां अब तक 2 लाख 14 हजार 404 मामले सामने आए हैं और 9 हजार 245 लोगों की मौत हुई है। 1 लाख 94 हजार 700 लोग ठीक भी हुए हैं।
इटली: रायन एयर को बैन करने की चेतावनी
इटली सरकार ने रायन एयर एयरलाइंस को बैन करने की चेतावनी दी है। देश की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि एयरलाइंस ने सुरक्षा नियमों को तोड़ा है। ऐसे में देश में इसकी सेवाएं रोकी जा सकती हैं। यह एयरलाइंस देश में किफायती सेवाएं देने के लिए जानी जाती है। देश में सभी एयरलाइंस के लिए सरकार ने मई में नए नियम जारी किए थे। एयर ट्रैवल करने वाले सभी लोगों की जांच जरूरी की थी।
ब्राजील: मौतों का आंकड़ा 97 हजार के पार
ब्राजील में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 57 हजार 152 नए मामले मिलने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 28 लाख 59 हजार 73 हो गई है। ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों में हुई 1437 मौतों के बाद मृतकों का आंकड़ा 97 हजार 256 हो गया है। ब्राजील संक्रमण के मामले में अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है। यहां के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और उनकी कैबिनेट के 8 मंत्री भी संक्रमित हो चुके हैं।
Nearly 5,900 people are dying every 24 hours from Covid-19 on average, according to Reuters calculations based on data from the past two weeks. That equates to 247 people per hour, or one person every 15 seconds.
ट्विटर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर सख्ती बरकरार है। इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब उनके कैम्पेन का अकाउंट ही ब्लॉक कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने कोरोनावायरस पर गलत जानकारी दी। इस अकाउंट से ट्रम्प का एक विडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो में ट्रम्प यह कहते दिख रहे हैं कि बच्चों में कोविड-19 के खिलाफ मजबूत इम्यून सिस्टम मौजूद है।
ट्विटर ने इसे कंपनी पॉलिसी के खिलाफ माना है। हालांकि, ट्रम्प ने भी इस वीडियो का लिंक ट्वीट किया है, लेकिन ट्विटर ने अभी उनके अकाउंट पर कोई एक्शन नहीं लिया है। इससे पहले फेसबुक ने भी ट्रम्प की कोविड-19 को लेकर एक गलत जानकारी वाली पोस्ट हटा दी थी
ट्रम्प ने कहा था- स्कूल खुलने चाहिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि स्कूल फिर से खुलने चाहिए, क्योंकि बच्चों में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए मजबूत इम्यून सिस्टम मौजूद है। उन्होंने कहा कि बच्चों में हमसे भी मजबूत इम्यून सिस्टम है। ट्रम्प के मुताबिक कोरोना से अब तक केवल न्यू जर्सी में ही एक बच्चे की मौत हुई है। वह बच्चा डायबिटीज का भी मरीज था। ट्रम्प ने कहा था कि डायबिटीज के मरीज बच्चों का भी इम्यून सिस्टम काफी मजबूत होता है। ट्विटर ने फैक्ट चेकिंग सिस्टम की शुरुआत की है
ट्विटर ने अपने प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाएं रोकने के लिए नए फैक्ट चेकिंग सिस्टम की शुरुआत की है। इसके चलते ट्विटर कई बार ट्रम्प के ट्वीट को डिलीट कर चुका है। मिनेपोलिस में अश्वेत जॉर्ज फ्लायड की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों पर जब ट्रम्प ने गोली चलाने की धमकी दी थी तो ट्विटर ने उनके ट्वीट पर टैग लगा दिया था। ट्विटर ने लिखा था कि हम हिंसा को बढ़ावा नहीं देते हैं।
6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के शहर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। इसके तीन दिन के बाद 9 अगस्त को नागासाकी पर एक और बम गिराया। इसमें लाखों लोग मारे गए, जबकि लाखों प्रभावित हुए। वहीं, हमले के बाद कई लोग रेडियोएक्टिव ‘काली बारिश’ की चपेट में भी आए।
पिछले हफ्ते हिरोशिमा के जिला कोर्ट ने ‘काली बारिश’ की चपेट में आए लोगों की पहचान की। साथ ही उन्हें सभी चिकित्सा सुविधाएं देने की बात कही थी। हमले से प्रभावित लोगों को फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाता है, जिन्हें जापान में ‘हिबाकुशा’ के नाम से जाना जाता है।
द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने के बाद जापान सरकार ने गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को फ्री में स्वास्थ्य सुविधाएं देने की घोषणा की थी। साथ ही सरकार ने कुछ इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित घोषित किया था। हमले के वक्त जो लोग शहर से बाहर थे, वे भी हमले के बाद हुई ‘काली बारिश’ की चपेट में आ गए थे।
अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर बम क्यों गिराया?
1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होते-होते जापान और अमेरिका के रिश्ते खराब हो गए। खासकर तब जब जापान की सेना ने ईस्ट-इंडीज के तेल-समृद्ध क्षेत्रों पर कब्जा करने के इरादे से इंडो-चाइना को निशाना बनाने का फैसला किया। इसलिए, अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने आत्मसमर्पण के लिए जापान पर परमाणु हमला किया।
हैरी एस ट्रूमैन उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति थे। उन्होंने चेतावनी दी थी, “जापान या तो समर्पण करे या तत्काल और पूरी तरह से विनाश के लिए तैयार रहे। हम जापान के किसी भी शहर को हवा से ही मिटा देने में सक्षम हैं।’’ 26 जुलाई को जर्मनी में पोट्सडैम की घोषणा हुई थी, जिसमें जापान को आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी गई।
हालांकि, इसे लेकर अन्य सिद्धांत हैं। परमाणु हमला कर जापान को समर्पण के लिए मजबूर करने की जरूरत नहीं थी। एक इतिहासकार गर अल्परोवित्ज ने 1965 में अपनी एक किताब में तर्क दिया है कि जापानी शहरों पर हमला इसलिए किया गया ताकि युद्ध के बाद सोवियत संघ के साथ राजनयिक सौदेबाजी के लिए मजबूत स्थिति हासिल हो सके।
हालांकि, परमाणु हमले के तत्काल बाद 15 अगस्त 1945 को जापान ने बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया था।
6 और 9 अगस्त को क्या हुआ?
6 अगस्त को सुबह 8:15 बजे अमेरिका के इनोला गे विमान ने हिरोशिमा पर पहला एटोमिक बम गिराया। उस वक्त तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा गर्म हो गया था। करीब 10 किलोमीटर तक सबकुछ जलकर राख हो गया। हवा की गति काफी तेज हो गई। विस्फोट और थर्मल किरणों से बिल्डिंग के टुकड़े-टुकड़े हो गए।
हिरोशिमा की आबादी उस वक्त करीब 3 लाख 50 हजार थी। इनमें 43 हजार जापानी सैनिक थे। लिटिल बॉय के नाम से जाना जाने वाला यूरेनियम हथियार को जब हिरोशिमा में गिराया गया, तब वह 1,850 फीट की ऊंचाई पर फटा। इसकी क्षमता 12.5 किलोटन टीएनटी के बराबर थी।
यूएस स्ट्रेटेजिक बॉम्बिंग सर्वे ऑफ 1946 ने बताया कि बम शहर के सेंटर से उत्तर-पश्चिम में विस्फोट किया गया था। इसमें 80,000 से ज्यादा लोग मारे गए और कई घायल हुए थे।
अगले दिन न्यूयॉर्क डेली न्यूज का हेडलाइन था- 'बेयर सेक्रेट विपन ‘एटम’ बम जापान मोस्ट डिस्ट्रक्टिव फोर्स इन यूनिवर्स'। न्यूयॉर्क टाइम्स ने हेडलाइन दिया- 'जापान पर पहला परमाणु बम गिराया गया; मिसाइल 20 हजार टन टीएनटी के बराबर होता है; ट्रूमैन की चेतावनी बर्बादी की बारिश'।
तीन दिन के बाद 9 अगस्त को 11 बजे (लोकल टाइम) नागासाकी पर दूसरा एटोमिक बम गिराया गया। इसकी आबादी उस वक्त करीब 2 लाख 70 हजार थी। वहीं, नागासाकी पर ‘फैटमैन’ प्लूटोनियम बम गिराया गया तो 22 किलोटन टीएनटी के बराबर विस्फोट हुआ। इस हमले में 40,000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
शहर के क्या हालात थे?
विस्फोट और गर्मी के चलते लोगों के शरीर से त्वचा लटक रही थी। पेड़ों की पत्तियां झड़ चुकी थी। एक सोशियोलॉजिस्ट ने बताया, शहर का एक पार्क लोगों के शव से भरा हुआ था। वहां मैंने एक बेहद भयावह दृश्य देखा। कुछ छोटी लड़कियां वहां पड़ी हुईं थीं, जिनके न केवल कपड़े फटे थे, बल्कि उनकी त्वचा भी शरीर से अलग हो गई थी।
मेरे दिमाग में तत्काल यह ख़याल आया कि यह नरक से कम नहीं है, जैसे मैंने अक्सर सोचा है। हिरोशिमा आग में जल रहा था। विस्फोट के थोड़ी देर के बाद ‘काली बारिश’ शुरू हो गई। इसमें रेडियोएक्टिव तत्व मौजूद थे।
सोशियोलॉजिस्ट ने बताया, बीस साल की शिबायामा हिरोशी (जो हमले के समय शहर से बाहर थी) ने हमले के कुछ घंटों के बाद हिरोशिमा पहुंची। क्योबाशी नदी को पार करते हुए उसने नरक की एक पेंटिंग की याद दिलाती हुई एक दृश्य देखा।
नदी में कई लोगों के शव तैर रहे थे। उनके चेहरे का साइज सामान्य से दोगुना हो गया था। उनके पैर लकड़ी के जैसे कड़े हो गए थे। धमाके के बाद पूरे शहर में कई रंगों में गंदे भूरे और काले रंग के बादल छाए हुए थे।
हिरोशिमा और नागासाकी दोनों शहर में 1.2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 50% लोग विस्फोट के दिन ही मारे गए थे। वहीं, 80-100% लोगों की रेडिएशन और घायल होने के बाद जान गई। पांच महीने के भीतर हिरोशिमा के 3 लाख 50 हजार की आबादी में 1 लाख 40 हजार लोग मारे गए, जबकि नागासाकी के 2 लाख 70 हजार की आबादी में 70 हजार लोग की जान गई।
The death toll rose to more than 135, but with an untold number still missing, officials expected that figure to rise. More than 5,000 people were injured, overwhelming the city’s hospitals. Beirut governor Marwan Abboud described the disaster as “an apocalyptic situation” that has made an estimated 3,00,000 people temporarily homeless.
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित टाइम्स स्क्वायर बुधवार को राम के रंग में रंग गया। फेमस टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर राम मंदिर का मॉडल और श्री राम की तस्वीर हाई रिजोल्यूशन वाली एलईडी स्क्रीन पर दिखाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार दोपहर को अयोध्या में राममंदिर का भूमि पूजन किया था। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में ये प्रोग्राम किया गया।
टाइम्स स्क्वायर में इस भव्य नजारे को देखकर लोग जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर भगवान राम और मंदिर के मॉडल के अलावा भारत का झंडा भी डिस्प्ले हो रहा था।
ये मानव समाज के लिए भी बड़ा अवसर
अमेरिकन इंडियन पब्लिक अफेयर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सेवहानी ने बताया था कि ये जीवन में एक बार या सदी में एक बार होने वाली घटना नही हैं। बल्कि, पूरी मानवजाति के जीवन में इस तरह के मौके एक ही बार आते हैं। इस मौके को खास बनाने के लिए हमने टाइम्स स्क्वायर को चुना।
बुधवार दोपहर में हुआ भूमिपूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर की नींव रखी। इसके बाद उन्होंने कहा कि राम सबके हैं, राम सबमें हैं। उन्होंने कोरोना काल में राम की मर्यादा का महत्व भी बताया। मोदी ने भूमि पूजन के बाद पूजन स्थल की मिट्टी को माथे से लगाया। इससे पहले रामलला के दर्शन के वक्त मोदी ने साष्टांग प्रणाम किया।
Addressing the Pakistan-occupied Kashmir's legislative assembly on the first anniversary of India's decision to revoke the special status of Jammu and Kashmir on August 5, 2019, Khan claimed that many world leaders didn't even know what was going on in Kashmir.
बांग्लादेश के नेत्रकोना जिले में बुधवार को एक नाव डूबने से 17 लोगों की मौत हो गई। इसमें 6 बच्चे भी शामिल हैं। नाव पर मदरसा टीचर्स और स्टूडेंट्स का 48 लोगों का ग्रुप सवार था। वे उचितपुर से गोबिंदश्री जा रहे थे। इसी दौरान हादसा राजालिकांडा इलाके के पास हुआ।
मदन पुलिस स्टेशन के प्रभारी रमिजुल हक ने कहा कि बुधवार को मौसम खराब था। इसी दौरान करीब 12 बजे नाव पानी में डूबा। घटना की सूचना मिलने पर तत्काल फायर सर्विस और गोताखोरों को मौके पर रवाना किया गया। तीन बजे तक 15 शवों को बरामद कर लिया गया है।
बचाव कार्य जारी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 लोग तैरकर बच गए। 4 बजे अंतिम रिपोर्ट आने तक बचाव अभियान जारी था। वहीं, नाव के डूबने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।
China on Wednesday hoped that India and Pakistan can "properly" handle their differences through dialogue, improve relations and jointly safeguard peace, stability and development of both the countries and the wider region.
अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद सत्ता में वापसी हुई तो भारत से रिश्ते पहले से मजबूत होंगे। पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने संभावित एजेंडे की जानकारी देते हुए कहा-हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ यानी भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी जारी रखेंगे। यह विविधताओं से भरा और मजबूत होता देश है।
उन्होंने कहा- भारत से जुड़ी हमारी नीतियों में पहले के मुकाबले ज्यादा अंतर नहीं है। इस बार हमने सिर्फ पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया है। चीन को ज्यादा तवज्जो दी है। हम तिब्बत के लोगों के साथ ही सभी देशों के मानवाधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए काम करेंगे।
पार्टी ने नीतियों से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया
डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीतियों से जुड़ा प्रस्ताव तैयार हो गया है। 90 पेज के इस संभावित एजेंडे और नीतियों को 17 अगस्त से 20 अगस्त तक विस्कॉन्सिन में होने वाली नेशनल कन्वेशन में पार्टी के डेलिगेट्स मंजूरी देंगे। इसी कन्वेंशन में बिडेन को पार्टी के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की औपचारिकता भी पूरी की जाएगी।
चीन पर कहा- राष्ट्रीय हित पहले देखेंगे
बिडेन ने कहा- चीन से जुड़ी हमारी नीतियां बहुत हद तक अमेरिका और हमारे सहयोगियों के हितों से जुड़ी होंगी। यह हमारी सोसाइटी के खुले माहौल, हमारी अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नियमों से संबंधित होंगी। इनसे अमेरिका के मूल्यों का पता चलेगा। चीन पर हमारा रुख ज्यादा सख्त नहीं होगा। लेकिन, हम यह भी साफ कर देना चाहते हैं कि इन नीतियों के जरिए हम चीन को किसी तरह का फायदा भी नहीं होने देंगे।
Fireworks and ammonium nitrate appear to have been the fuel that ignited a massive explosion that rocked the Lebanese capital of Beirut, experts and videos of the blast suggest. The scale of the damage _ from the epicenter of the explosion at the port of Beirut to the windows blown out kilometres (miles) away _ resembles other blasts involving the chemical compound commonly used as an agricultural fertilizer.
A huge blast in Beirut has left 300,000 people homeless and caused damage across half of the city estimated to cost more than $3 billion, its governor told AFP on Wednesday. Marwan Aboud said that the estimated cost of the damage from Tuesday's explosion was between $3.0 billion and $5.0 billion dollars. Engineers and technical teams have yet to conduct an official assessment.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही रामलला के भव्यतम मंदिर निर्माण का काम शुरू होगा। पाकिस्तान इससे तिलमिला गया है। यहां पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने इमरान सरकार के सामने मोदी को जवाब देने की मांग रख दी है। मांग भी ऐसी है कि जिससे पाकिस्तान में बवाल हो सकता है। पीपीपी ने कहा- मोदी अयोध्या में राम मंदिर बनवा रहे हैं। अब इमरान को इसका माकूल जवाब देने के लिए इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर बनाना चाहिए।
इस्लामाबाद में एक महीने पहले कृष्ण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था। लेकिन, कट्टरपंथियों के दबाव में सरकार को इसे रोकना पड़ा।
अब देरी न करें इमरान
पीपीपी के सांसद मुस्तफा नवाज खोखर ने एक बयान जारी किया। खोखर पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी के भी प्रवक्ता हैं। खोखर ने कहा- मोदी को सटीक जवाब देना जरूरी है। लिहाजा, इमरान सरकार फौरन इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण शुरू कराए। इसके लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। उन तमाम दिक्कतों को फौरन दूर किया जाना चाहिए, जो राजधानी में मंदिर निर्माण में आ रही हैं। इस्लामाबाद में मंदिर बनाकर हम दुनिया को ये बता पाएंगे कि पाकिस्तान में सभी मजहबों का सम्मान होता है।
इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण क्यों रुका
पाकिस्तान की राजधानी में कृष्ण मंदिर बनाए जाने का प्रस्ताव था। इमरान सरकार ने एच-9/2 सेक्टर में जमीन अलॉट की थी। दो महीने पहले इसकी नींव का काम शुरू हुआ। कुछ लोगों ने इसकी नींव के पत्थर उखाड़ फेंके। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कट्टरपंथियों ने कहा- पाकिस्तान इस्लामी मुल्क है। हम यहां टैक्स देते हैं। हमारे टैक्स के पैसे मंदिर नहीं बनाया जा सकता।
हाईकोर्ट में है मामला
इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण रुकवाने के लिए तीन याचिकाएं दायर की गईं। इन तीनों को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा- मंदिर निर्माण के लिए जरूरी है कि संबंधित एजेंसियों की मंजूरी ली जाए। खास बात ये है कि मंदिर बनाने के लिए जमीन 2017 में ही अलॉट कर दी गई थी। अगले साल यानी 2018 में इसे हिंदू पंचायत को सौंप दिया गया था। लेकिन, इसके बावजूद मंदिर निर्माण शुरू नहीं हो सका। सरकार पर कट्टरपंथियों का दबाव है।
Some 24,000 health workers in South Africa have contracted coronavirus, 181 of whom have died, since the pandemic hit the country in March, the health minister announced on Wednesday. South Africa is the hardest-hit country in Africa with at least 521,318 infections diagnosed so far, accounting for more than half the continent's cases.
अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास पूरे वर्ल्ड मीडिया की सुर्खियों में है। सीएनएन, द गार्जियन, बीबीसी, अलजजीरा और डॉन ने इस घटना को प्रमुखता से कवर किया। सीएनएन ने कहा कि देश में फैले कोरोनावायरस के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर निर्माण का भूमि पूजन किया। पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने लिखा कि राम मंदिर का शिलान्यास दरअसल, भारत के बदल रहे संविधान का शिलान्यास है।
कोरोनावायरस के बावजूद शिलान्यास: सीएनएन
अमेरिकी मीडिया संस्थान सीएनएन ने लिखा कि मोदी ने हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थान पर राम मंदिर का भूमि पूजन किया। यह जगह सालों से हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच विवाद का जड़ रही है। बुधवार को भूमि पूजन कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब भारत में लगातार पांच दिनों से 50 हजार से ज्यादा संक्रमण के नए मामले आ रहे हैं। संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर है। गृहमंत्री अमित शाह और अयोध्या में मंदिर के पुजारी समेत चार सिक्युरिटी गार्ड भी संक्रमित हुए हैं।
तीन महीने पहले ही अयोध्या में दिवाली: द गार्जियन
ब्रिटेन के अखबार द गार्जियन ने लिखा कि अयोध्या में दिवाली तीन महीने पहले ही आ गई है। शहर में राम मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है। दशकों से यह भारतीय इतिहास का सबसे भावनात्मक और विभाजनकारी मुद्दा रहा है। भगवान राम हिंदुओं में सबसे अधिक पूजनीय हैं। उनका मंदिर बनना बहुत से हिंदुओं के लिए गर्व का क्षण है। लेकिन, भारतीय मुसलमानों के मन में दो तरह की भावनाएं हैं। एक तो उनकी मस्जिद के जाने का दु:ख है जो 400 सालों से वहां खड़ी थी। दूसरी उन्होंने मंदिर निर्माण पर अपनी मौन सहमति भी दे दी है।
नए तरह के भारतीय संविधान का शिलान्यास: डॉन
पाकिस्तान के मीडिया संस्थान डॉन ने लिखा कि बाबरी मस्जिद की जगह पर हिंदू मंदिर का शिलान्यास किया गया। इस जगह पर करीब 500 सालों से बाबरी मस्जिद थी। मोदी के आलोचक मानते हैं कि यह सेक्युलर भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने का एक और कदम है। भारत के सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) के पूर्व अध्यक्ष प्रताप भानु मेहता के हवाले से डॉन ने लिखा - राम मंदिर का शिलान्यास एक तरह से अलग प्रकार के भारतीय संविधान का शिलान्यास है। यह इस बात को बताता है कि भारत का मौलिक संवैधानिक ढांचा बदल रहा है।
भारत की सेक्युलर विचारधारा से समझौता: अलजजीरा
खाड़ी देशों के प्रमुख मीडिया संस्थान अलजजीरा ने लिखा कि मंदिर मस्जिद की जगह पर बनाया जा रहा है। भारत की सेक्युलर विचार धारा से समझौता किया गया है। भारत की सत्ता में मौजूद हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी ने 1980 के दशक से मंदिर आंदोलन छेड़ा था। 1992 में हिंदू कट्टरपंथियों ने मस्जिद गिरा दी। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुओं को भी मस्जिद की जगह दे दी। इस फैसले की बड़ी आलोचना हुई थी। विडंबना यह है कि मंदिर की नींव रखी जा रही और बाबरी विध्वंस मामले की कानूनी सुनवाई तक अभी पूरी नहीं हुई है।
भारत के हिंदू खुश हैं: एबीसी न्यूज
एबीसी न्यूज ने अपनी वेबसाइट पर लिखा- कोरोनावायरस जैसी महामारी की वजह से भारी भीड़ नहीं हुई, लेकिन भारत के हिंदू खुश हैं। प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन किया। यहां पहले कथित तौर पर मस्जिद थी। राम मंदिर के निर्माण में तीन से साढ़े तीन साल लगेंगे। यह दुनिया के सबसे भव्य मंदिरों में से एक होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था मंदिर निर्माण का रास्ता: बीबीसी
बीबीसी ने भूमि पूजन के साथ ही राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद का भी जिक्र किया। लिखा- प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर का भूमि पूजन किया। 1992 तक यहां मस्जिद थी। जिसे भीड़ ने गिरा दिया था। दावा किया जाता है कि यहां मस्जिद से पहले मंदिर था। इसलिए दोनों समुदाय इस जगह पर दावा करते रहे। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया। मुस्लिमों को मस्जिद के लिए अलग जगह दी गई है।
दुनिया में कोरोनावायरस के संक्रमण से अब तक 1 करोड़ 86 लाख 97 हजार 917 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 19 लाख 13 हजार 908 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। 7 लाख 4 हजार 932 की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्राजील के कैबिनेट मिनिस्टर जॉर्ज ओलिवेरा संक्रमित मिले हैं। उनके ऑफिस ने मंगलवार को इस बात की जानकारी।
ओलिवेरा ठीक होने तक आइसोलेशन में रहेंगे और अपने घर से ही काम करेंगे। ब्राजील में किसी मंत्री के संक्रमित होने का यह आठवां मामला है। इससे पहले यहां के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और उनकी पत्नी मिशेल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। यहां पर अब तक 20 लाख से ज्यादा मामले आए हैं और 94 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
10 देश, जहां कोरोना का असर सबसे ज्यादा
देश
कितने संक्रमित
कितनी मौतें
कितने ठीक हुए
अमेरिका
49,18,420
1,60,290
24,81,680
ब्राजील
28,08,076
96,096
19,70,767
भारत
19,06,613
39,820
12,81,660
रूस
8,61,423
14,351
6,61,471
साउथ अफ्रीका
5,21,318
8,884
3,63,751
मैक्सिको
4,49,961
48,869
3,00,254
पेरू
4,39,890
20,007
3,02,457
चिली
3,62,962
9,745
3,36,330
स्पेन
3,49,894
28,498
उपलब्ध नहीं
कोलंबिया
3,34,979
11,315
1,80,258
महामारी से 100 करोड़ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित: यूएन
संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को कहा कि महामारी बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जुलाई से ही दुनिया के 160 देशों में स्कूल बंद हैं। इससे 100 करोड़ स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। 4 करोड़ से ज्यादा बच्चे अपनी स्कूली पढ़ाई शुरू नहीं कर सके हैं। बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित वापस लाना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
ऑस्टेलिया: क्वीन्सलैंड राज्य का बॉर्डर सील होगा
ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड राज्य ने न्यू साउथ वेल्स से अपनी बॉर्डर सील करने का फैसला किया है। इस दौरान किसी को भी राज्य में न आने की अपील की गई है। इसके बावजूद आने वालों को क्वारैंटाइन कर दिया जाएगा। नया नियम शनिवार से लागू होगा। क्वीन्सलैंड के प्रिमियर एनास्तासिया पालाजुक ने बुधवार सुबह इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर से लगातार आने वाले लोगों की वजह से संक्रमण के मामले में तेजी देखी जा रही है। इसे रोकने के लिए हम यह कदम उठा रहे हैं।
जर्मनी: तुर्की के चार इलाकों से यात्रा को मंजूरी
जर्मनी ने मंगलवार को यात्रा पाबंदियों में नई रियायतों का ऐलान किया। नए नियमों के मुताबिक, तुर्की के चार इलाके के लोग अब देश में आ सकेंगे। इनमें अंटाल्या, इजमिर, अयदिन और मुगला शामिल हैं। सरकार के प्रवक्ता उलरिक डेमर ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तुर्की ने इन चार इलाकों के लिए टूरिज्म ओर हाइजीन से जुड़े नए दिशानिर्देश बनाए हैं। इसे देखते हुए इन इलाके के लोगों को देश में आने की मंजूरी दी गई है।
The blast, which appeared to have been caused by a fire igniting 2,750 tonnes of ammonium nitrate left unsecured in a warehouse, was felt as far away as Cyprus, some 150 miles (240 kilometres) to the northwest.