Tuesday, April 28, 2020

ट्रम्प ने कहा- हम कोरोना पर चीन के खिलाफ गंभीरता से जांच कर रहे, बड़ा हर्जाना वसूलेंगे April 28, 2020 at 11:05AM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोनावायरस के फैलने को लेकर चीन पर एक बार और निशाना साधा है। ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि अमेरिका कोरोनावायरस वैश्विक महामारी को लेकर चीन के खिलाफ बेहद गंभीरता से जांच कर रहा है। हम चीन से इस मामले में बड़ा हर्जाना मांगेंगे। ट्रम्प ने इस बात के भी संकेत दिए कि यह मुआवजा जर्मनी की ओर से चीन से मांगे गए मुआवजे से भी ज्यादा होगा।

दरअसल, मीडिया ने ट्रम्प से पूछा था कि क्या अमेरिका भी जर्मनी की तरह ही नुकसान के लिए चीन से 10.67 लाख करोड़ रुपए हर्जाना मांगा सकता है। इस पर ट्रम्प ने कहाथा कि जर्मनी कुछ विचार कर रहा है। हम भी कुछ देख रहे हैं। जर्मनी जितने मुआवजे की बात कर रहा है, हम उससे कहीं बड़ी रकम की बात कर रहे हैं। हमने अभी अंतिम रकम निर्धारित नहीं की है, लेकिन यह काफी बड़ी राशि होने वाली है। दरअसल, जर्मनी के एक अखबार ने कहा था कि चीन से मुआवजा मिलना चाहिए।

ट्रम्प ने कहा- दुनियाभर में व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ
ट्रम्प ने कहा कि इस वायरस की वजह से अमेरिका में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। चीन को इस वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराने के कई रास्ते हैं। अमेरिका भी चीन से खुश नहीं है। हाल के सप्ताह में चीन को इस वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराने की बात को काफी समर्थन मिला है।

अमेरिका के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोपीय देश हैं
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के नेता लगातार कह रहे हैं कि अगर चीन शुरुआती चरण में ही कोरोनावायरस के संबंध में जानकारी देने में पारदर्शिता रखता, तो बड़ी संख्या में लोगों की मौत नहीं होती और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता। अमेरिका के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोपीय देश हैं। कई देश चीन से मुआवजा वसूलने की बात करना शुरू कर चुके हैं। उधर, ब्रिटेन ने अपनी सरकारी ब्रीफिंग से चीन के आंकड़ों को हटा दिया है।

चीन पर शुुरुआती लापरवाही, आंकड़े छिपाने के आरोप

चीन के वुहान में भले ही कोरोना का अभी कोई मामला नहीं हो, लेकिन यहां बसे भारतीय अब भी आशंकित हैं। उनका कहना है कि वुहान में कोरोना का दूसरा दौर लौट सकता है। 76 दिनों के लॉकडाउन के बाद कई लोग काम पर लौट गए हैं। दूसरी ओर बिना लक्षण वाले मामले बढ़ रहे हैं। हुबेई प्रांत में ऐसे 599 मरीज हैं। एक भारतीय शोधकर्ता ने कहा कि वुहान में लॉकडाउन 20 दिन पहले हटाया गया था। ज्यादातर लोग बिना लक्षण वाले मामलों के डर से घरों में रुके हुए हैं। एक अन्य भारतीय ने कहा कि डर इसलिए भी है कि हम कार्यस्थल में या अन्य शहरों में जिनसे मिल रहे हैं, उनकी वास्तविक स्थिति नहीं मालूम है।



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ट्रम्प ने इस बात के भी संकेत दिए कि यह मुआवजा जर्मनी की ओर से चीन से मांगे गए मुआवजे से भी ज्यादा होगा। -फाइल फोटो

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