Wednesday, June 10, 2020

Post coronavirus, US is on its way to a very big comeback: Trump June 10, 2020 at 04:05PM

"You see what's going on with NASDAQ. We just broke another record yesterday. Some good news came out of the Federal Reserve today, I think some very good news," the President said. The US, he said, is doing well in "so many ways".

मलेशिया ने कहा- रोहिंग्याओं को ले जाओ; बांग्लादेश का जवाब- हम उन्हें नहीं रख सकते June 10, 2020 at 02:36PM

मलेशिया सरकार ने कोरोनावायरस फैलने के डर से बांग्लादेश से आए रोहिंग्या को वापस भेजने का फैसला किया है। वह जल्द ही बांग्लादेश से इन 300 शरणार्थियों को वापस ले जाने के लिए कहेगा। ये रोहिंग्या फरवरी में बांग्लादेश से निकले थे। महीनों तक समुद्र में सफर के बाद मलेशिया पहुंचने पर इन्हें दो दिन पहले ही लैंगकावी द्वीप पर हिरासत में लिया गया था।

इनके साथ सैकड़ों रोहिंग्या निकले थे। पर उनकी खबर नहीं मिली। मलेशिया के रक्षामंत्री ने इस मामले में बयान दिया कि रोहिंग्या को पता होना चाहिए कि वे यहां पर नहीं रह सकते। उधर बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमेन ने कहा कि हम रोहिंग्या को वापस लेने के लिए बाध्य नहीं हैं। न ही हम उन्हें रखने की स्थिति में हैं।

मलेशिया रोहिंग्या को शरण देकर जोखिम नहीं उठाना चाहता

वहीं, मलेशिया ने कोरोना को काबू में कर रखा है। देश में कोरोना के करीब 8 हजार मामले हैं, वहीं अब तक 118 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में सरकार रोहिंग्या को शरण देकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। उधर हेल्थ एक्सपर्ट्स भी चेतावनी देते रहे हैं कि रोहिंग्या जैसी घनी बस्तियों में स्थिति गंभीर हो सकती है।

यूएन के मुताबिक मलेशिया में 90 हजार रोहिंग्या: यूएन मानवाधिकार संगठन की फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशिया में करीब 90 हजार रोहिंग्या मुसलमान है। 2017 में म्यांमार से 7.3 लाख रोहिंग्या ने देश छोड़ा था। इससे पहले भी लाखों पलायन कर चुके थे। बांग्लादेश के कैंपों में करीब 10 लाख रोहिंग्या रहते हैं।



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महीनों तक समुद्र में सफर के बाद मलेशिया पहुंचने पर इन्हें दो दिन पहले ही लैंगकावी द्वीप पर हिरासत में लिया गया था। -फाइल फोटो

5000 करोड़ के गबन के आरोपी पूर्व पीएम के वकील बोले- पुलिस ने मैडम के पर्स खराब कर दिए, नए चाहिए June 10, 2020 at 02:36PM

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक की पत्नी रोशमा मंसूर के वकील ने पुलिस पर मैडम के कीमती पर्स और हैंडबैग की देखभालनहीं करने, उन्हें खराब करने और नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इसके लिए सरकार से भरपाई की मांग भी की है। बता दें कि रजाक पर पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए करीब 5000 करोड़ रुपए के गबन के आरोप हैं।

बुधवार को कुआलालंपुर हाईकोर्ट में इन पर सुनवाई हुई। नजीब के वकील मुहम्मद शफी अब्दुल्ला ने बचाव की तैयारी के लिए मलेशिया के केंद्रीय बैंक में रखे जब्त सामान को देखने की इजाजत मांगी थी।

वकील ने कहा-सरकार भरपाई करें, या नया सामान लाकर दें

इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट से कहा,‘पुलिस ने मैडम के कीमती सामान के लिए जरा भी सम्मान नहीं दिखाया। उन्होंने इसे खराब कर दिया है। मार्कर से नंबर डाल दिए हैं। अधिकारियों ने इन अनमोल चीजों को संभालने के मामले में लापरवाही बरती। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है, इसलिए सरकार भरपाई करें, या नया सामान लाकर दें।’

हालांकि हाईकोर्ट ने इस पर कोई फैसला नहीं दिया, लेकिन मामले में सहआरोपी नजीब के करीबी और यूएमएनओ के नेता मुसा अमन को बरी कर दिया।

पर्स और ज्वैलरी की कीमत करीब 2000 करोड़ रु.

मलेशिया पुलिस नजीब रजाक की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर चुकी है। उनके 6 परिसरों में छापा मारकर 5 ट्रक सामान जब्त किया गया था। इनमें नजीब की पत्नी के 500 पर्स और 12,000 ज्वैलरी आइटम्स भी हैं। इनकी कीमत करीब 2000 करोड़ रुपए आंकी गई है।



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पुलिस ने मलेशिया के पूर्व पीएम नजीब की पत्नी के 500 पर्स और 12,000 ज्वैलरी आइटम्स भी जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 2000 करोड़ रुपए आंकी गई है।

बार-बार साइकिल की घंटी बजाने पर रोक, ट्रैफिक सेफ्टी कोर्स करना जरूरी, वरना 35000 रुपए जुर्माना June 10, 2020 at 02:36PM

कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच भीड़भाड़ से बचने के लिए दुनिया भर में साइकिल का इस्तेमाल बढ़ रहा है। जापान में कई कंपनियां होम डिलीवरी के लिए साइकिल इस्तेमाल कर रही हैं। टोक्यो की एक कंपनी की बिक्री दो महीने में 19% बढ़ी है। ऐसे में जापान सरकार ने ट्रैफिक के नए नियम बनाए हैं, जिनमें साइकिल पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।

नए नियमों के मुताबिक, बार-बार घंटी बजाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके लिए जुर्माने का प्रावधान है। 14 साल से ज्यादा उम्र के साइकिल चालकों के लिए ट्रैफिक सेफ्टी कोर्स जरूरी होगा। ‌‌वरना करीब 35 हजार रुपए जुर्माना चुकाना होगा। दरअसल, लगातार बढ़ते हादसे सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं।

ट्रैफिक सुधारने के लिए सरकार को नए नियम बनाने पड़े

पिछले साल खतरनाक साइक्लिंग के 26,687 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से सिर्फ 328 लोगों ने सेफ्टी कोर्स किया था। इन पर लगाम और ट्रैफिक सुधारने के लिए सरकार को नए नियम बनाने पड़े हैं। अन्य वाहन चालकों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं।

तेज या लापरवाही से दोपहिया या अन्य वाहन चलाने पर लाइसेंस दो साल के लिए रद्द कर दिया जाएगा। अन्य वाहन का रास्ता रोकना भी दंडनीय होगा। नए नियम 30 जून से पूरे देश में लागू हो जाएंगे।

शराब पीकर साइकिल चलाना, रास्ता रोकना मना

नए नियमों के मुताबिक, 14 प्रक्रियाओं या गतिविधियों पर रोक लगाई है और इनके उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इनमें शराब पीकर साइकिल चलाने और दूसरों का रास्ता रोकने पर भी पाबंदी रहेगी। साइकिल चलाते वक्त मोबाइल फोन नहीं चला सकते।



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14 साल से ज्यादा उम्र के साइकिल चालकों के लिए ट्रैफिक सेफ्टी कोर्स जरूरी होगा।