Wednesday, June 10, 2020

Sri Lanka sets August 5 date for parliamentary polls June 10, 2020 at 01:40AM

Sri Lanka's National Elections Commission Chairman Mahinda Deshapriya announced on Wednesday that the twice-postponed parliamentary elections will be held on August 5.

Pakistan summons senior Indian diplomat over 'ceasefire violations' June 10, 2020 at 01:21AM

Pakistan on Wednesday summoned a senior Indian diplomat to register its protest over the alleged ceasefire violations by the "Indian forces" along the Line of Control (LoC).

पाकिस्तान की इमरान सरकार पर सेना का दबदबा, 12 से ज्यादा अहम पदों पर आर्मी के मौजूदा या पूर्व अफसर काबिज June 10, 2020 at 01:19AM

पाकिस्तान सरकार पर अन-ऑथराइजतरीके से वहां कीसेना का कंट्रोलहै। ब्लूमबर्ग मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की सरकार में 12 से ज्यादा प्रमुख पदों पर आर्मी के मौजूदा या पूर्व अफसर काबिज हैं। ये अफसर एयर कैरियर, बिजली विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान जैसे विभागों में नियुक्त हैं।तीन अपॉइंटमेंट पिछले 2 महीनों में हुएहैं।

इमरान की लोकप्रियता घटी
पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाईऔर सरकारी लोगों के भ्रष्टाचार में शामिल होने से प्रधानमंत्री इमरान खान का प्रभाव और लोकप्रियता कम हुई है। इसके चलते सेना का कद बढ़ गया है। विश्लेषकों ने लंबे समय से सेना के समर्थन को इमरान की पार्टी के लिए अहम माना है।

पाकिस्तान में येकोई नई बात नहीं है। यहां सेना सबसे पावरफुल है और उसने अपने सात दशक के इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक देश पर शासन किया है। 2018 में जब इमरान प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने नया पाकिस्तान बनाने का वादा किया, ये वादा अब उन पर भारी पड़ने लगा है।

देश की नीतियों में आम लोगों की कोई जगह नहीं
अटलांटिक काउंसिल में नॉन-रेसिडेंट सीनियर फैलो उजैर युनूस के मुताबिक अहम पदों पर आर्मी अफसरों की नियुक्ति कर सरकार ये जता रही है कि देश में नीति बनाने और उन्हें लागू करने में आम लोगों की कोई जगह नहीं है।पाकिस्तान में इस वक्त कई आर्मी अफसरों को टीवी पर ब्रीफिंग करते देखा जा सकता है। ये अफसर महामारी रिस्पॉन्स टीम की मदद करते देखे जा सकते हैं। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा अब इमरान खान के कम्युनिकेशन एडवाइजर हैं।

आर्थिक संकट की वजह से तनाव बढ़ रहा
इमरान लंबे समय से इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं कि 2017 के चुनाव से पहले से वे सेना के करीबी थे। हालांकि, पिछले साल उन्होंने मीडिया से कहा था कि सेना उनके साथ खड़ी है। महामारी के चलते पाकिस्तान में आर्थिक संकट की स्थिति है। इस वजह से तनाव बढ़रहा है। भारत के बाद पाकिस्तान एशिया में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित देशों में से एक है। वहां मरीजों की संख्या अब तक 1.13 लाख पहुंच चुकी है, जबकि 2,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी।

जीडीपी ग्रोथ माइनस में पहुंची
पाकिस्तान में आर्थिक विकास दर पहली बार माइनस में पहुंच गई है। वहां के सेंट्रल बैंक का मानना है कि जून के आखिर तक जीडीपी में 1.5% गिरावट आएगी। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से अप्रैल में 1.4 अरब डॉलर का इमरजेंसी फंड मिला था। न्यूयॉर्क की रिस्क एडवाइजरी फर्म वाइजर कंसल्टिंग के अध्यक्ष आरिफ रफीक का कहना है कि पाकिस्तान में आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही है। अहम पदों पर सेना के अफसरों की नियुक्ति करने से इमरान की सत्ता पर पकड़ कमजोर होती रहेगी और वे दबाव में आ जाएंगे।



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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल कहा था कि सेना उनके साथ है। (फाइल फोटो)

अश्वेतों की नाराजगी भुनाने में जुटे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन, युवाओं को लुभाने के लिए डिजिटल कैंपेन भी चलाएंगे June 10, 2020 at 12:49AM

अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस अफसर के हाथों मौत के विरोध मेंअमेरिका में प्रदर्शन जारी हैं।इस बीच, डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन विरोध की आ‌वाजों को अपनेहक में भुनाने की कोशिश में जुट गए हैं। वे अश्वेत युवाओं को अपने पक्ष में करने के लिए 5 मिलियन डॉलर( करीब 38 करोड़ रुपए) खर्च करकेडिजिटल प्रचार मुहिम चलाएंगे। इसके लिए विज्ञापन तैयार कर लिए गए हैं। ये अलग-अलगसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जाएंगे। बिडेन का चुनाव प्रचार देखने वाली कमेटी ने इस मुहिम का नाम ‘प्रोग्रेस’ रखा है।

फिलहाल, अश्वेतों के समर्थन में अमेरिका के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। 25 मई को जॉर्ज की मौत मिनेपोलिस शहर में हुई थी। पुलिस अफसर डेरेक चॉविन ने उसके गले पर अपना घुटना करीब 9 मिनट तक रखा था। जॉर्ज सांस नहीं ले पाया और उसने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।

फिल्डेल्फिया में दिखी बिडेन के कैंपेन की झलक

बिडेन के विज्ञापन में प्रदर्शन की अलग-अलग तस्वीरों को शामिल किया गया है। इसकी शुरुआतप्रदर्शन के दौरान फिल्डेल्फिया में दिएगएबिडेन केभाषण के साथ होती है। इसमें उन्होंनेकहा था, ‘‘इस देश का इतिहास हमें सिखाता है कि हमने निराशा के काले दौर के बाद कुछ काफी तरक्की की है। सिविल वॉरके बाद संविधान में 13वें, 14वें और 15वें संशोधन हुए। अश्वेतों पर बर्मिंघम के पब्लिक सेफ्टी कमिश्नर कॉनर के जुल्म सामने आने के बाद सिविल राइट्स एक्ट 1964 और वोटिंग राइट्स एक्ट 1965 बनाए गए।’’

कोरोना की वजह से चुनाव प्रचार पर असर पड़ा था

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 3 नवंबर को होना है। महामारी के चलते वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जो बिडेन के कैंपेन पर असर पड़ा है। दोनों ही रैलियां नहीं कर पा रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी को उम्मीद के मुताबिक फंड भी नहीं मिला। ऐसे में अश्वेतों के आंदोलन से बिडेन और उनकी पार्टी को मौका मिल गया। बिडेन ने अश्वेतों को समान हक देने का समर्थन किया। वह प्रदर्शनों में शामिल भी हुए। जब ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना उतारने की धमकी दी तो बिडेन ने इसका विरोध किया। डेमोक्रेटिक पार्टी ने बिडेन के प्रचार के लिए चुनाव खर्च भी बढ़ा दिया है।



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फोटो 1 जून का है। डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन अश्वेतों के प्रदर्शन में शामिल एक पिता और बेटी से मिलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अश्वेतों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।