Wednesday, February 5, 2020
Baby tests positive for China virus just 30 hours after birth February 05, 2020 at 03:44AM
सूरत की डायमंड इंडस्ट्री को दो महीने में 8000 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका February 05, 2020 at 12:04AM
सूरत. कोरोनावायरस की वजह से सूरत के हीरा उद्योग को अगले 2 महीने में 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि सूरत की डायमंड इंडस्ट्री के लिए हॉन्गकॉन्ग एक बड़ा केंद्र है, लेकिन वहां कोरोनावायरस की वजह से इमरजेंसी घोषित की जा चुकी है। इससे बिजनेस प्रभावित हो रहा है। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के रीजनल चेयरमैन दिनेश नवादिया का कहना है कि सूरत से हर साल 50,000 करोड़ रुपए के पॉलिश्ड हीरे हॉन्गकॉन्ग एक्सपोर्ट किए जाते हैं। यह सूरत के कुल डायमंड एक्सपोर्ट का 37% है।
देश का 99% हीरा सूरत में पॉलिश होता है
नवादिया का कहना है कि हॉन्गकॉन्ग में मार्च के पहले हफ्ते तक छुट्टियां घोषित हो चुकी हैं। गुजरात के जिन कारोबारियों के वहां ऑफिस हैं, उन्हें लौटना पड़रहा है। हालात नहीं सुधरे तो हीरा उद्योग को भारी नुकसान हो सकता है। देश में जितना हीरा आयात किया जाता है उसमें से 99% सूरत में ही पॉलिश होता है।
ज्वेलरी बिजनेस को भी नुकसान की आशंका
हीरा कारोबारी प्रवीण नानावती ने बताया कि हॉन्गकॉन्ग में अगले महीने इंटरनेशनल ज्वेलरी एग्जिबिशन भी लगनी है। लेकिन, कोरोनावायरस फैलने की वजह से उसे रद्द किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो सूरत का ज्वेलरी बिजनेस भी प्रभावित होगा, क्योंकि इंटरनेशनल एग्जिबिशन में हीरे और ज्वेलरी की काफी बिक्री होती है। वहां मिलने वाले ऑर्डर के आधार पर हम सालभर केटार्गेट भी तय करते हैं।
हॉन्गकॉन्ग में कोरोनोवायरस के 18 मामले सामने आए
नानावती का कहना है कि सूरत में पॉलिश किए जाने वाले हीरे और यहां बनने वाली ज्वेलरी हॉन्गकॉन्ग के जरिए ही दुनियाभर में पहुंचती है। लेकिन, हॉन्गकॉन्ग में छुट्टियां होने की वजह से कारोबार बंद है। हॉन्गकॉन्ग दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है,चीन में आवाजाही का प्रमुख केंद्र भी है।हॉन्गकॉन्ग में अब तक 18 लोगों में कोरोनोवायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
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सीईओ एलन मस्क की नेटवर्थ 23 दिन में 1.25 लाख करोड़ रुपए बढ़ी; यह रिलायंस के साल भर के मुनाफे से भी तिगुनी February 04, 2020 at 10:14PM
बिजनेस डेस्क.अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के शेयर में बढ़त का सिलसिला जारी है। मंगलवार को इसमें 20.5% तेजी आई। बीते दो दिन में शेयर 40% चढ़ चुका। इस साल के 23 कारोबारी दिनों में अब तक 114% तेजी आ चुकी है। शेयर में इस तेजी से कंपनी के सीईओ एलन मस्क की नेटवर्थ इस साल 17.6 अरब डॉलर (1.25 लाख करोड़ रुपए) बढ़ गई। यह रकम भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के सालभर के मुनाफे से भी तिगुनी है। 2019 की चार तिमाहियों में रिलायंस का कुल मुनाफा 43,368 करोड़ रुपए रहा था। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क की मौजूदा नेटवर्थ 45.2 अरब डॉलर (3.20 लाख करोड़ रुपए) है।
रिलायंस का मुनाफा
| तिमाही | मुनाफा (रुपए) |
| जनवरी-मार्च | 10,362 करोड़ |
| अप्रैल-जून | 10,104 करोड़ |
| जुलाई-सितंबर | 11,262 करोड़ |
| अक्टूबर-दिसंबर | 11,640 करोड़ |
| कुल | 43,368 करोड़ |
टेस्ला के शेयर में तेजी की 2 वजह
पहली : अमेरिकी शेयर बाजार के विश्लेषकों को उम्मीद है कि शंघाई का नया प्लांट टेस्ला की ग्रोथ में अहम साबित होगा। कंपनी ने पिछले महीने शंघाई के प्लांट में बना पहला मॉडल लॉन्च किया था। चीन एक बड़ा बाजार है। वहां प्रोडक्शन करने से टेस्ला को फायदा होगा।
दूसरी:टेस्ला ने पिछले महीने वित्तीय नतीजे घोषित करते हुए बताया कि 10 साल में पहली बार सालाना आधार पर मुनाफा हुआ है। टेस्ला के नतीजे विश्लेषकों के अनुमान से भी बेहतर रहे हैं।
टेस्ला के शेयर में तेजी से शॉर्ट सेलर के 56,800 करोड़ रुपए डूबे
टेस्ला के शेयर में बढ़त से कुछ लोगों को नुकसान भी हो रहा है।ऐसे ट्रेडर जिन्हें किसी शेयर में गिरावट के ज्यादा आसार नजर आते हैं, वे पहले शेयर बेचते हैं और कीमतें घटने पर खरीद लेते हैं। इन्हें शॉर्ट सेलर कहा जाता है। अमेरिका में टेस्ला का शेयर सबसे ज्यादा शॉर्ट सेल होता है। लेकिन, हाल के दिनों में आई तेजी की वजह सेशॉर्ट सेलर के 8 अरब डॉलर (56,800 करोड़ रुपए) डूब चुके हैं।
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